जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों में भाजपा और कांग्रेस खोलेंगी पत्ते, चल रही बाड़ाबंदी

इन तीनों नगर निगमों में बहुमत के आंकड़े और पार्षदों के समर्थन को लेकर भाजपा तथा कांग्रेस अपने-अपने स्तर पर रणनीति बना रहे हैं। महापौर पद के लिए प्रत्याशी चयन के साथ ही उप महापौर के नाम पर भी चर्चा होगी। दोनों दलों के लिए यह चुनाव केवल पदों का चयन नहीं, बल्कि नगर निगमों में अपने राजनीतिक समीकरण मजबूत करने का अवसर भी है।

जयपुर। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों के महापौर और पदों के प्रत्याशी कौन होंगे, इसका इंतजार अब शनिवार को खत्म हो जाएगा। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल 19 सितंबर को अपने-अपने उम्मीदवार तय करेंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से गुरुवार को जयपुर, जोधपुर, कोटा महापौर और सुकेत नगर पालिका के अध्यक्ष पदों के चुनाव का कार्यक्रम जारी किए जाने के बाद अब दोनों दलों में प्रत्याशियों के नामों को लेकर मंथन तेज हो गया है।

इसी के साथ नव निर्वाचित पार्षदों की बाड़ाबंदी भी जारी है। निर्वाचन आयोग की ओर से शुक्रवार को जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों के महापौर के चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके साथ ही नामांकन दाखिल करने का काम शुरू हो जाएगी। नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन शनिवार है।

इन तीनों नगर निगमों में बहुमत के आंकड़े और पार्षदों के समर्थन को लेकर भाजपा तथा कांग्रेस अपने-अपने स्तर पर रणनीति बना रहे हैं। महापौर पद के लिए प्रत्याशी चयन के साथ ही उप महापौर के नाम पर भी चर्चा होगी। दोनों दलों के लिए यह चुनाव केवल पदों का चयन नहीं, बल्कि नगर निगमों में अपने राजनीतिक समीकरण मजबूत करने का अवसर भी है।

भाजपा और कांग्रेस की ओर से पार्षदों की बाड़ाबंदी जारी है। दोनों दलों ने बाड़ाबंदी के लिए अलग-अलग 618 स्थानों पर कैम्प लगाए हुए हैं। इन कैम्पों में नव निर्वाचित पार्षदों को एकजुट रखने के साथ ही चुनावी रणनीति पर भी चर्चा की जा रही है। महापौर और उप महापौर चुनाव में पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण होने के कारण दल अपने-अपने पार्षदों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

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हालांकि 305 निकायों के नव निर्वाचित पार्षदों की बाड़ाबंदी 22 सितंबर को समाप्त हो जाएगी, लेकिन जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों तथा सुकेत नगर पालिका के पार्षदों की बाड़ाबंदी सबसे लंबी अवधि तक चलेगी। इन निकायों के पार्षदों की बाड़ाबंदी 26 सितंबर को समाप्त होगी। इस तरह इन निकायों के पार्षद कुल 13 दिन तक बाड़ाबंदी में रहेंगे।

Shri Mi

पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ राजनैतिक खबरों पर पैनी नजर

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